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Monday, January 28, 2013
Sunday, December 23, 2012
मेरे सपनों का हिंदुस्तान कहाँ से लाओगे ????
इंडिया गेट पर प्रदर्शन करना और,
फेसबुक पर पिटिशन साइन करना ही मेरी मंजिल नहीं !
मकसद है इस हंगामे की गूँज सिब्बल, शीला,
सोनिया और शिंदे के बेडरूम तक भी पहुचीं या नहीं !!
ये कसम बड़ी शौक से खाते हो तुम कमीनों कि,
सख्त से सख्त कार्यवाही करवाओगे !
लेकिन तेरी फ़ितरत का इल्म है मुझे कि कुछ हो या ना हो,
प्रमोशन में रिजर्वेशन बिल पास ज़रूर करवाओगे !!
पता नहीं मेरे सपनों का हिंदुस्तान कहाँ से लाओगे ????...................................
अफ़सोस है चाहे लोकपाल का मुद्दा हो या एफडीआई में रिटेल का,
तुम बस वोटिंग में उलझते रहो और अपनी रोटियाँ सेकते रहो !
और मायावती और मुलायम जैसे शिखंडी,
बस अपने मजे के लिए वॉक ओवर करते रहो !!
कसाब जैसे आतंकी पर 40 करोड़ खर्च करके,
सालो तुम उसे फाँसी पर लटकाओगे !
लेकिन स्विस बैंक और 2जी, 3जी घोटालों वालों का क्या करूँ ?
इन सबके बैंक एकाउंट्स पर पटाखों की लड़ी कब लगाओगे !!
पता नहीं मेरे सपनों का हिंदुस्तान कहाँ से लाओगे ????.......................................
बलात्कारियों को तुम रोबर्ट वाड्रा की तरह पालो या राहुल गाँधी की तरह,
लेकिन यंगस्टर्स और टीनेज पर कम से कम लाठीचार्ज तो ना करो !
अंदाजा है मुझे शीला की जगह मोदी या अन्ना होता तो तुम ,
दिल्ली को ही कराची बनाते और कसम खाते कि फ़ैसला फ़ौरन करो !!
हँसी आती है अब कानून में संशोधन के लिये और फाँसी के लिये,
'रेयरेस्ट ऑफ़ दा रेयर रेप' बिल भी पास करवाओगे,और नेताओ की माँ-बहनों को भी बे-आबरू करवाओगे,
समझ नहीं आता इसको पास कराके बलात्कारियों का हौसला बढाओगे या,
हमारे प्रधानमंत्री जी को गुजरात के अलावा दिल्ली में भी कुछ बोलना सिखाओगे?
पता नहीं मेरे सपनों का हिंदुस्तान कहाँ से लाओगे ????......................................
Thursday, August 23, 2012
The day i met you
The day i met you,
the way you looked from fringe of your eyelashes,
And passed your million Dollar smile!!
the way You captured my heart
And touched my soul!!
The day i saw you,
the way you Showed me what love means,
And Gave me new hope!!
the way you lit my life ,
And filled colors in my life!!
The day i felt you,
the way you say, "I Love You,"
And made me feel that you are only mine!!
the way you say, "I miss you,"
And made me feel that i am in love!!
The day i need you,
the way you keep loving me,
And became reason to live life like king size!!
the way You bring a joy to my heart,
And nurtured my emotions with just love!!
The day i missed you,
the way you cherished love within Soul,
And learned the full meaning of sharing and caring!!
the way you illuminated my soul,
And made me complete !!!!
the way you looked from fringe of your eyelashes,
And passed your million Dollar smile!!
the way You captured my heart
And touched my soul!!
The day i saw you,
the way you Showed me what love means,
And Gave me new hope!!
the way you lit my life ,
And filled colors in my life!!
The day i felt you,
the way you say, "I Love You,"
And made me feel that you are only mine!!
the way you say, "I miss you,"
And made me feel that i am in love!!
The day i need you,
the way you keep loving me,
And became reason to live life like king size!!
the way You bring a joy to my heart,
And nurtured my emotions with just love!!
The day i missed you,
the way you cherished love within Soul,
And learned the full meaning of sharing and caring!!
the way you illuminated my soul,
And made me complete !!!!
<<<<Anurag G.>>>>
Tuesday, November 1, 2011
MAA Aur Wo Pahla Din !!!!
वो पहला दिन ,
मेरा पहली बार रोना और माँ का हँसना ,उनकी आँखों मे अजब सी रौशनी का छलकना ,तभी उनका मेरी खिलखिलाहट की आवाज़ सुनना , मेरी नाज़ुक उँगलियों को अपने होठों से छूना ,और उनका मेरे गालों को स्पर्श करना और गोद में लेना !
वो पहला दिन ,
मेरा घुटनों के बल चलना और बार-बार गिरना ,
और उनके लाये हुए खिलोनों से खेलना और उन्हें तोडना ,
तो कभी माँ के साथ आँख मिचोली करना ,
जिसे देख माँ की आँखों में ख़ुशी के आँसू छलकना ,
और उनका मुझे अपने आँचल में लेना और उनके आँसू अपने गालों पे महसूस करना !
वो पहला दिन ,
मेरा माँ की उंगली पकड़कर चलना और उनका मुझे संभालना ,
मैं आगे-आगे और माँ का पीछे-पीछे साये की तरह होना ,
शायद उनको मेरी जीत का एहसास बार-बार दिलाना ,
उनका मुझे गोद में लेकर सहलाना और मेरा फिर दुबारा गिरना ,
वो मेरी नज़र उतारना और उनका सोते-जागते बस मेरे बारे में सोचना !
वो पहला दिन ,
माँ का मुझे हँसते-हँसते स्कूल के लिए तैयार करना और मेरे लिए प्रार्थना करना ,
मेरा स्कूल में कदम रखना और माँ का अपने रुमाल से मेरे आँसुओं को बार-बार पोंछना ,
माँ का बैग, टिफिन और चौकलेट मुझे देना और उनका पीछे मुडके बार-बार मुझे देखना ,
और स्कूल से आने के बाद उनका मुझे अपने हाथों से खाना खिलाना ,
मेरे सिर पर हाथ फेरकर सुलाना , और फिर मुझे होमवर्क कराना ,
भुलाये नहीं भूलते वो दिन ,
माँ का पीछे भाग-भाग के मुझे साइकिल सिखाना ,
मैं आगे-आगे तेज़ रफ़्तार से , और माँ का पीछे-पीछे परछाई की तरह होना ,
कुछ सालों बाद शायद उनका मेरे सिकंदर होने के एहसास से रोमांचित होना !
वो पहला दिन ,
कॉलेज का खुलना , और हमारी नजरों का आपस में टकराना ,
मेरा शायद माँ के सफ़ेद बालो को और उनकी थकान को महसूस करना ,
और माँ की जगह किसी और को दिल में जगह देना ,
मेरा रोजाना कॉलेज जाना और माँ का ब्रेकफास्ट हमेशा की तरह तैयार करना ,
उनका मोबाइल , पर्स की याद दिलाना और अपने बनाये हुए परांठे खिलाना ,
भुलाये नहीं भूलते वो दिन ,
साइकिल के पैडल की जगह बाइक की किक का लेना ,
और माँ को चरण- स्पर्श करना भूलना और "बाय " कहना शुरू करना !
वो पहला दिन ,
मेरी पहली तन्खवाह से माँ को साड़ी देना ,
और बदले में संसार की सारी दुआएं माँ का मुझे देना ,
उनके आँचल में सिर रखके उसके बारे में बात करना ,
माँ को पसंद न आने के बावजूद भी मेरी खातिर उनका हाँ कह जाना ,
भुलाये नहीं भूलते वो दिन ,
मेरा हाथ पकडके उसका मेरे घर पर कदम रखना ,
और तभी मेरा माँ के अकेलेपन और ख़ुशी , दोनों को एक साथ महसूस करना !
वो पहला दिन ,
माँ को छोड़के उसके साथ दूसरे शहर चला जाना ,
और धीरे -धीरे माँ का प्यार और वो अपनापन विस्मृत करना ,
उनका दबे होठों से हमें सहमति देना और ख़ुशी जताना ,
अपनी ख़ुशी के आगे , मेरा उनकी असली ख़ुशी को समझ नहीं पाना ,
भुलाये नहीं भूलते वो दिन ,
मेरा अतीत की यादों में खो जाना अभी ट्रेन में बैठे -बैठे ,
और सोचना इतने सालों बाद माँ से मिलना और खुद से कहना ,
कि अपना सारा प्यार माँ पर लुटाना और इस बार उनको साथ लेके ही जाना !
शायद आज समझ मै आया है ,
उनकी ख़ुशी के बदले कोई मेरी जान भी ले ले तो भी बहुत कम है ,
उनकी ख़ुशी के बदले कोई मेरा लहू भी ले ले तो भी बहुत कम है ,
उनकी ख़ुशी के बदले कोई मेरा सब कुछ भी ले ले तो भी बहुत कम है!!
<<<<Anurag G.>>>>
Monday, October 10, 2011
ग़ज़ल का दूसरा नाम 'जगजीत ' !!!!
हमारे लफ़्ज़ों में वो बात नहीं ,
जो आपकी दिलकश आवाज़ में है !
फिर भी हमारे इन अल्फाजों से ,
आपको सलाम करने को जीं चाहता है !!
वो कागज़ की कश्तीं और बारिश का पानी ,
हमने भी महसूस किया था कभी !
फिर भी आपको सुनने के बाद उसकी यादों तले,
बेखुदीं की जिंदगी जीने को जी चाहता है !!
मेरी तमन्ना भी मचली थी और ,
मौसम भी बदला था कभी !
फिर भी आपसे मिलने की अधूरी ख्वाहिश को ,
पूरा करने को जी चाहता है !!
किसी का मीत बनके किसी के होठों को ,
हमने भी छुआ था कभी !
फिर भी मेरे ख़याल पन्नों पर आने लगे हैं ,
अब इनको आवाज़ देने को ज़ी चाहता है !!
हम कोई गीत नहीं , कोई कविता नहीं ,
कोई नज़्म नहीं और कोई ग़ज़ल भी नहीं !
फिर भी 'Arabic ' के शब्दकोष मे ग़ज़ल का दूसरा नाम
'जगजीत ' लिखने को जी चाहता है !!
ये हम नहीं कहते ,
आपकी यादें बोला करती है !
फिर भी उन्ही यादों से अब आपको
श्रधांजलि देने को जी चाहता है !!!!
<<<<अनुराग >>>>
Wednesday, October 5, 2011
वो बनाकें हमनशीं अपना !!!!
मेरे उस छुपे हुए एहसास को ,
जब तेरा साथ ना मिला !
तब भी उस मुलाक़ात का असर ,
दिल पर छाया रहा !!
मेरे ख़यालो को जब ,
तेरे ख़्वाबों का साया ना मिला !
तब भी मेरे आईने मै ,
अक्स तेरा ही दिखता रहा !!
उस रंगीन फिज़ा मै भी ,
जब तेरी बेरुखी मुझे मिली !
तब भी रुसवाई और तनहाइयों मै ,
खुद को मैं हसाता रहा !!
उस निशा मै जब मेरे होठों को ,
तेरे रुखसारों तले सुकून ना मिला !
तब भी तेरी साँसों को अपने दिल मै जगह देके ,
खुश मैं होता रहा !!
कोशिश बहुत की थी खुदको ,
उनकी रूह मैं जगह देने की !
फिर भी हमारे ख़यालो से खेलते रहे ,
वो बनाकें हमनशीं अपना !!!!
<<<< अनुराग >>>>
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